नई दिल्ली: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। सोमवार, 7 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वायु गुणवत्ता में उत्कृष्ट सुधार करने वाले शहरों को सम्मानित किया गया। इस सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी (कैटेगरी-1) में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने 198 अंक प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान हासिल किया, जिसके लिए शहर को ₹1.50 करोड़ की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इसी श्रेणी में मध्य प्रदेश का इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जबकि भोपाल और आगरा 192-192 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे।
अन्य श्रेणियों की बात करें तो 3 से 10 लाख आबादी वाली श्रेणी (कैटेगरी-2) में ओडिशा के राउरकेला ने 198.5 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि फिरोजाबाद और गुंटूर 195 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, 3 लाख से कम आबादी वाली श्रेणी (कैटेगरी-3) में ओडिशा के शहरों का दबदबा रहा, जिसमें कलिंग नगर 198.5 अंकों के साथ शीर्ष पर, अंगुल दूसरे और तालचेर तीसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा, 30,000 से अधिक आबादी वाले माइक्रो-वार्ड स्तर की प्रतिस्पर्धा में लखनऊ के जोन-4 स्थित वार्ड-70 (पेपर मिल कॉलोनी) को देश का सर्वश्रेष्ठ वार्ड चुना गया और ₹50 लाख का पुरस्कार दिया गया, जबकि भोपाल का बीएमसी-60 वार्ड इस प्रतिस्पर्धा में दूसरे स्थान पर रहा।
विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ की इस ऐतिहासिक सफलता का मुख्य श्रेय शहर में लागू किए गए ठोस और आधुनिक सफाई तंत्र को जाता है। लखनऊ में सड़कों की धूल पर प्रभावी नियंत्रण, 1,100 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रह, सफाई के लिए 97 मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों के नियमित उपयोग और 2,550 TPD क्षमता वाले वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन तंत्र ने शहर की हवा को स्वच्छ बनाने और इस राष्ट्रीय उपलब्धि को हासिल करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।