पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

कोरबा। पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर प्रदेशभर के विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों ने शुक्रवार को एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के सभी आठ वितरण एवं पारेषण रीजन सहित तीनों उत्पादन संयंत्रों में विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच के बैनर तले कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
कोरबा पश्चिम स्थित उत्पादन संयंत्र में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने “एक ही लक्ष्य, एक ही नारा—पुरानी पेंशन अधिकार हमारा” और “ओपीएस हमारा अधिकार है” जैसे नारे लगाए। कर्मचारियों ने प्रबंधन की ओर से पुरानी पेंशन लागू करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए एक सूत्रीय मांग—विद्युत कंपनीज में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग रखी।
शाम करीब 5:30 बजे अतिरिक्त मुख्य अभियंता (टीएंडएसएस) एमके गुप्ता को अधिकार मंच की ओर से केएनबी राव, बसुदेव राम भगत, महेंद्र साहू, राम इकबाल सिंह, अनिल द्विवेदी, डॉ. श्वेतांबरी महंता सहित महिला प्रतिनिधियों गायत्री महिलांगे, डॉ. रेणु कौशिक, अनिता सिंह और सुप्रिया रानी कर्ण ने 500 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में कंपनी अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा।
तीन साल बाद भी आदेश का इंतजार
कर्मचारी संगठनों के अनुसार राज्य शासन में पुरानी पेंशन योजना वर्ष 2022 में घोषित की गई थी और अप्रैल 2023 से इसे लागू भी किया जा चुका है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अधिकारी-कर्मचारी अब तक पुरानी पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं।
अधिकार मंच का कहना है कि ऊर्जा विभाग की ओर से 6 अक्टूबर 2023 को पुरानी पेंशन लागू करने के संबंध में सैद्धांतिक सहमति भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद लगभग तीन वर्ष बीतने के बाद भी विद्युत कंपनी प्रबंधन की ओर से पुरानी पेंशन लागू करने का आदेश जारी नहीं किया गया है।
साझा मंच बनाकर आंदोलन तेज करने का निर्णय
पुरानी पेंशन की मांग को लेकर विद्युत क्षेत्र के विभिन्न संगठन लंबे समय से प्रयासरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। एनपीएस से जुड़े कर्मचारियों में बढ़ती निराशा और आक्रोश को देखते हुए विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर ‘विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच’ का गठन किया है।
अधिकार मंच के अनुसार प्रदेशभर में ज्ञापन कार्यक्रम के बाद राज्य के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 5 अक्टूबर को विद्युत कंपनी मुख्यालय, रायपुर में प्रदेशभर के विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
यदि इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आगामी आंदोलन की रूपरेखा की घोषणा 5 अक्टूबर को होने वाली विशाल आमसभा में की जाएगी।
कई कर्मचारी संगठन आंदोलन में शामिल
पुरानी पेंशन की मांग को लेकर गठित अधिकार मंच में अभियंता संघ, पत्रोपाधि अभियंता संघ, फेडरेशन-1, भारतीय मजदूर संघ, जनता यूनियन, अधिकारी-कर्मचारी आरक्षित वर्ग संघ, फेडरेशन-56, ऑफिसर एसोसिएशन, तकनीकी कर्मचारी एकता यूनियन, डॉक्टर एसोसिएशन, तकनीकी कर्मचारी संघ और कार्यालयीन कर्मचारी संघ सहित विभिन्न संगठन शामिल हैं।