रायपुर: छत्तीसगढ़ की 14 रियासतों का गौरवशाली इतिहास अब एक छत के नीचे सहेजने की योजना — ‘रियासत वीथिका’ बनेगी आकर्षण का केंद्र
रायपुर: छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत और राजसी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत रायपुर में ‘रियासत वीथिका’ (गैलरी) स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जहां प्रदेश की 14 पूर्ववर्ती देसी रियाسतों का इतिहास और दुर्लभ धरोहरें एक ही छत के नीचे प्रदर्शित की जाएंगी।
उद्योग भवन स्थित पर्यटन मंडल के सभाकक्ष में इस संबंध में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न राज परिवारों के वंशजों और प्रतिनिधियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए कार्ययोजना की जानकारी दी गई और उनके बहुमूल्य सुझाव लिए गए।
प्रमुख बिंदु:
- एक मंच पर दिखेगा राजसी वैभव: प्रस्तावित रियासत वीथिका में रियासतों की राजदरबारी परंपराओं, राजचिह्नों, पारंपरिक वेशभूषा, अस्त्र-शस्त्र, प्राचीन सिक्कों, मुहरों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को सहेजा जाएगा। वर्तमान में ये धरोहरें राजमहलों और निजी संग्रहों में सुरक्षित हैं, जिन्हें अब एक व्यवस्थित मंच पर लाया जाएगा।
- पर्यटन और शोध को मिलेगा बढ़ावा: यह गैलरी न केवल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी, बल्कि विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी अध्ययन का एक महत्वपूर्ण स्रोत साबित होगी।
- हेरिटेज पर्यटन और होमस्टे पर जोर: छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने बताया कि सरकार ऐतिहासिक महलों को हेरिटेज पर्यटन और होमस्टे के रूप में विकसित करने की दिशा में भी गंभीरता से काम कर रही है।
- राज परिवारों की सहभागिता: पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने बताया कि इस वीथिका के विकास में राज परिवारों के सुझावों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा, जो प्रत्येक रियासत से संपर्क कर सामग्री का संकलन और दस्तावेजीकरण करेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में रायगढ़, सरगुजा, सारंगढ़, कवर्धा, छुईखदान, उदयपुर-धरमजयगढ़, खैरागढ़ और सक्ती सहित विभिन्न रियासतों के वंशज और प्रतिनिधि प्रत्यक्ष व वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और योजना को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।