1 नवंबर से लागू होंगे नए FASTag नियम: सफर होगा आसान या जेब पर पड़ेगा असर? जानें पूरी डिटेल्स
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नए नियमों के तहत 1 नवंबर से लोकल FASTag पास की व्यवस्था लागू हो रही है। इसके तहत स्थानीय वाहन चालकों को राहत देने के साथ-साथ वार्षिक शुल्क का प्रावधान किया गया है। नए नियमों से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- सालाना फीस की दो श्रेणियां: स्थानीय टोल पास का वार्षिक शुल्क टोल प्लाजा की लोकेशन के आधार पर तय किया गया है। जो टोल प्लाजा नगरपालिका या शहरी सीमा से बाहर हैं, उनके लिए सालाना फीस ₹1,500 तय की गई है। वहीं, शहरी सीमा के भीतर आने वाले टोल प्लाजा के लिए वार्षिक शुल्क ₹3,000 होगा।
- विकल्प और वैधता: वाहन मालिक मौजूदा मासिक पास या नए वार्षिक लोकल पास में से अपनी जरूरत के अनुसार किसी एक का चयन कर सकते हैं। यह पास केवल उसी विशेष टोल प्लाजा पर मान्य होगा जिसके लिए इसे जारी किया गया है। साथ ही, सरकार हर साल 1 अप्रैल को इन शुल्कों में संशोधन कर सकती है।
- पात्रता की शर्तें: इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए वाहन मालिक का निवास टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए और वाहन पर वैध FASTag होना अनिवार्य है।
- कहाँ लागू नहीं होगा पास: क्लोज्ड यूजर फी कलेक्शन सिस्टम (Closed User Fee Collection System) वाले नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर यह पास काम नहीं करेगा। इसके अलावा, यदि वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक सड़क या सर्विस रोड उपलब्ध है, तो इस पास की पात्रता नहीं मिलेगी।
यह नई व्यवस्था स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से लाई गई है, हालांकि पास बनवाने से पहले संबंधित टोल की शर्तों को जरूर जांच लें।