IMD Cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान, जानिए किन 7 राज्यों में रहेगा मौसम का सबसे ज्यादा असर
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ वेदर सिस्टम अब बेहद खतरनाक रूप लेता जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 23 अक्टूबर को बना कम दबाव का क्षेत्र अब और अधिक मजबूत होकर ‘वेल मार्क्ड लो-प्रेशर’ में तब्दील हो चुका है। यह सिस्टम लगातार ताकतवर होते हुए 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 अक्टूबर को गहरे डिप्रेशन (Deep Depression) में बदलेगा और आखिरकार 26 अक्टूबर की सुबह तक एक पूर्ण चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा।मानसून की विदाई के साथ ही बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफानों का खतरा मंडराने लगा है। गर्म समुद्री पानी और अनुकूल मौसमी दशाओं के चलते यह नया वेदर सिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है। शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि यह शक्तिशाली तूफान उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर तेजी से अग्रसर है।
कब और कैसे बदलेगा रूप? (IMD Timeline)
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम विभाग का चक्रवात मॉडल इस प्रकार है:
- 24 अक्टूबर: यह सिस्टम इसी क्षेत्र में बने रहकर डिप्रेशन में तब्दील होगा।
- 25 अक्टूबर: पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए यह गहरे दबाव (Deep Depression) का रूप लेगा।
- 26 अक्टूबर (सुबह): पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचते ही यह एक पूर्ण चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा।
- 28 अक्टूबर (सुबह): यह एक शक्तिशाली चक्रवात के रूप में आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के बेहद करीब पहुंच जाएगा।
किन 7 राज्यों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर?
इस चक्रवाती परिसंचरण का दायरा केवल तटीय इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों पर पड़ेगा।
- मुख्य प्रभावित राज्य: ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्से।
- तटीय राज्यों का हाल: आंध्र प्रदेश और यानम में 23 से 29 अक्टूबर तक लगातार बारिश की चेतावनी है, जिसमें कई जगहों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, ओडिशा में 26 अक्टूबर से बारिश का दायरा बढ़ेगा और 27 से 29 अक्टूबर के बीच तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश की आशंका है।
- मध्य और पूर्वी भारत: 28 से 30 अक्टूबर के दौरान छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
समुद्र में 90 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, मछुआरों के लिए रेड वॉर्निंग
तूफान की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों और नाविकों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है।
- हवा की गति: 26 से 28 अक्टूबर के बीच पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा की औसत रफ्तार 70 से 80 किमी/घंटा रहेगी, जो बढ़कर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक के खतरनाक झोंकों में बदल सकती है।
- निर्देश: समुद्र में ऊंची और अशांत लहरें उठने की संभावना है। मछुआरों को पूरी तरह से गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, और जो लोग पहले से समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत सुरक्षित तटों पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।