सर्वमंगला मंदिर में नवरात्र की धूम: पहले ही दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, ज्योति कलशों से जगमगा उठा मां का दरबार
कोरबा: शक्ति की आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही कोरबा के प्रसिद्ध सर्वमंगला मंदिर में भक्तों का तांता लग गया है। नवरात्र के पहले ही दिन मां सर्वमंगला के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे मंदिर परिसर में सुबह से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ घटस्थापना की गई। सुबह मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खुलते ही ‘जय माता दी’ के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। भक्तों ने लंबी कतारों में लगकर मां के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हजारों ज्योति कलशों से रोशन हुआ दरबार मंदिर में प्रज्वलित किए गए मनोकामना ज्योति कलश मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं। मान्यता है कि नवरात्र के इन नौ दिनों में मां सर्वमंगला के दरबार में ज्योति कलश प्रज्वलित करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस वर्ष मंदिर में हजारों की संख्या में तेल और घी के ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं, जिनकी जगमगाहट से पूरा मां का दरबार अलौकिक रूप से दमक उठा है। शाम ढलते ही मंदिर की भव्य सजावट और दीपों की रोशनी देखने लायक होती है।
नौ दिनों तक होंगे विशेष अनुष्ठान मंदिर के पुजारियों के अनुसार, नवरात्र के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना, हवन और सांस्कृतिक-धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। पर्व को लेकर स्थानीय बाजार से लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में और अधिक भीड़ जुटने की संभावना है, जिसे लेकर मंदिर प्रबंधन पूरी तरह मुस्तैद है।
कोरबा के जाने-माने जसगीत गायक बसंत वैष्णव ने सर्वमंगला मंदिर में बांधा समां, सुरमयी प्रस्तुति से गूंजा पूरा परिसर

शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मां सर्वमंगला के दरबार में आस्था और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में कोरबा के प्रसिद्ध और लोकप्रिय जसगीत गायक बसंत वैष्णव ने मंदिर परिसर में अपनी एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियां देकर पूरे वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
भक्तिरस से सराबोर हुए श्रद्धालु बसंत वैष्णव ने अपने पारंपरिक और ऊर्जावान अंदाज में जैसे ही मां सर्वमंगला की महिमा का बखान करते हुए जसगीत और देवी गीत गाने शुरू किए, पूरा मंदिर परिसर तालियों और ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा। उनकी सुरीली आवाज और मां की आराधना में डूबे गीतों को सुनकर वहां मौजूद श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए। मां के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे भक्तों ने संगीत की इन धुनों के बीच जमकर आनंद लिया और भक्तिरस में सराबोर नजर आए।