साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 (बुधवार) को हरियाली अमावस्या (श्रावण अमावस्या) के दिन लगने जा रहा है। यह एक वलयाकार (कंकणाकृति) सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें सूर्य के चारों ओर एक चमकती हुई अंगूठी (Ring of Fire) जैसी आकृति बनती है।
मुख्य बिंदु:
- तारीख और समय: ग्रहण की शुरुआत 12 अगस्त की रात 9:04 बजे से होगी, जो अगले दिन तड़के 4:25 बजे समाप्त होगा। यह खगोलीय घटना लगभग साढ़े सात घंटे तक चलेगी।
- कहां-कहां दिखाई देगा: यह ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा समेत यूरोप व अमेरिका के कई हिस्सों में दिखेगा।
- भारत में प्रभाव व सूतक काल: यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहां ग्रहण दृश्यमान नहीं होता, वहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं रहता।
- सावधानियां: धार्मिक मान्यताओं के तहत गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने, सिलाई-कटाई करने या नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जाती है।