छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: इस बार 5 नहीं, केवल 3 दिन चलेगा आयोजन
राज्योत्सव 2026 का आयोजन इस बार नए रूप में 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर (ग्राम-तूता) में किया जाएगा। परंपरा के अनुसार 5 दिनों तक चलने वाला यह छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और विकास का महापर्व इस वर्ष केवल 3 दिनों का होगा। इस भव्य आयोजन को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी विभागों को 22 अक्टूबर तक अपनी-अपनी तैयारियों और विकास प्रदर्शनियों की कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस वर्ष समारोह का मुख्य आकर्षण इसकी केंद्रीय थीम होगी, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और ‘अंजोर छत्तीसगढ़’ जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगी। इसके साथ ही संस्कृति विभाग के मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के भीतर पूरी की जाएगी।
आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की सुविधाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मेला स्थल का ले-आउट, मुख्य मंच, डोम और स्टॉल आवंटन का कार्य सीएसआईडीसी, एनआरडीए और लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा, जबकि जनसंपर्क विभाग हाईटेक मीडिया सेंटर संभालेगा। इसके अलावा पुलिस प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य और ऊर्जा विभाग को सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा सेवा और निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिएगए हैं।
बैठक में राज्य के प्रमुख विभागों के उच्चाधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ (वन एवं जलवायु परिवर्तन), प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह (पंचायत, गृह एवं जेल), सोनमणि बोरा (नगरीय प्रशासन) और शहला निगार (महिला एवं बाल विकास) शामिल थे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, डॉ. कमलप्रीत सिंह (स्कूल शिक्षा), अविनाश चम्पावत (सामान्य प्रशासन), डॉ. सी.आर. प्रसन्ना (सहकारिता), डॉ. एस. भारतीदासन (पर्यटन एवं संस्कृति), बसवराजु एस. (कौशल विकास व तकनीकी शिक्षा), अंकित आनंद (सूचना एवं प्रौद्योगिकी), यशवंत कुमार (खेल एवं युवा कल्याण), भूवनेश यादव (आदिम जाति विकास), हिमशिखर गुप्ता (श्रम), राजेश सिंह राणा (ग्रामोद्योग) तथा सारांश मित्तर (ऊर्जा) ने हिस्सा लिया। इनके अलावा रायपुर जिले के कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।