छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर से प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए राज्य की प्रगति, विकास और जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता का विस्तार करने के लिए ₹11,000 करोड़ से अधिक की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिसमें इंद्रावती नदी पर ₹2,000 करोड़ की लागत से बनने वाले मटनार और देउरगांव बैराज शामिल हैं, जिनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कृषि और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए तेन्दूपत्ता संग्राहकों को ₹5,500 प्रति मानक बोरा की दर से पारिश्रमिक दिया जा रहा है तथा उनके हित में ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः शुरू किया गया है।

सामाजिक सुरक्षा और आवास के क्षेत्र में सरकार ने ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा करते हुए 24 लाख 50 हजार से अधिक पक्के मकानों की स्वीकृति दी है और ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ व ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के तहत 73 लाख परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को बल देते हुए ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से 70 लाख महिलाओं के खातों में अब तक ₹19,444 करोड़ हस्तांतरित किए जा चुके हैं, जिससे राज्य की लगभग 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए ‘पीएम जनमन योजना’ के जरिए 56 हजार से अधिक PVTG परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं और 1,788 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक ताने-बाने की सुरक्षा के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून’ लागू किया गया है। सुशासन और पारदर्शी शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर पारदर्शी भर्ती हेतु ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ का गठन किया गया है, जो युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए अवसर प्रदान करेगा।
No Comment! Be the first one.