देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के इंदौर-उज्जैन संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर सहित 5 जिलों में अगले 24 घंटों में 4 इंच से अधिक बारिश की आशंका जताई है, जबकि प्रदेश के 11 अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश और जलभराव के चलते राजधानी भोपाल में लगातार तीसरे दिन स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, जहाँ पिछले दो दिनों में 8.57 इंच बारिश दर्ज हुई है।
उधर, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बारिश के बाद कुर्ला इलाके में लैंडस्लाइड की दर्दनाक घटना हुई है, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। उत्तर प्रदेश में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहाँ 28 जिलों में बारिश और 16 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य की 10 प्रमुख नदियां उफान पर हैं। फर्रूखाबाद में बीते आठ दिनों में गंगा नदी के तेज बहाव में 31 मकान समा चुके हैं, वहीं वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाटों की सीढ़ियाँ और रास्ते पानी में डूब गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे इन सभी प्रभावित राज्यों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।