असम में बाढ़ के कारण हालात काफी गंभीर बने हुए हैं। राज्य में आई इस भीषण आपदा से अब तक 103 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 7 लाख लोग बेघर हो गए हैं। इसके अलावा 433 गांव पूरी तरह जलमग्न हैं।

बाढ़ से प्रभावित करीब 49,000 विस्थापित लोगों को 125 राहत शिविरों में रखा गया है, जिसमें अकेले गोलाघाट जिले से ही 42,000 से अधिक लोग शामिल हैं। नतून बस्ती, हिलनी, सिंगोल बस्ती और गंगेडाढ़ा जैसे इलाकों में पानी उतरने के बाद भी घरों में भारी मात्रा में कीचड़ और गाद जमा है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई घर ढह चुके हैं और घरेलू सामान व बच्चों की पढ़ाई की सामग्री मलबे में दब गई है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के अनुसार, बाढ़ से हुई तबाही से उबरने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आने का अनुमान है। वहीं, पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने असम के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 10 करोड़ रुपये की मदद देने का ऐलान किया है।